- सीएक्यूएम के निर्देशों की अनुपालना में जिलाधीश आयुष सिन्हा ने जारी किए आदेश
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना में जिला फरीदाबाद में 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक विभिन्न एहतियाती उपाय सख्ती से लागू किए जाएंगे। उपायुक्त एवं जिलाधीश आयुष सिन्हा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि आयोग द्वारा निर्धारित सभी प्रावधानों की प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित की जाए।
सीएक्यूएम द्वारा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के नवंबर माह के वर्ष 2018 से 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह पाया गया है कि नवंबर के शुरुआती और मध्य दिनों में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस दौरान कई बार वायु गुणवत्ता गंभीर एवं अति गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण करने तथा वातावरण में प्रदूषक तत्वों के जमाव को कम करने के उद्देश्य से समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार जिले में धूल उत्पन्न करने वाली सभी प्रकार की तोड़फोड़ तथा खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। यह प्रतिबंध राजमार्गों, सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली ट्रांसमिशन लाइनों, पाइपलाइन तथा दूरसंचार से संबंधित कार्यों सहित सभी प्रकार की रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होगा। हालांकि रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, अस्पतालों, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा से संबंधित गतिविधियों तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है। छूट प्राप्त परियोजनाओं को भी धूल नियंत्रण संबंधी निर्धारित मानकों तथा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
सरकारी एवं निजी कार्यालयों के संबंध में जारी निर्देशों के तहत जिले में स्थित हरियाणा सरकार के सभी कार्यालयों और निजी प्रतिष्ठानों में एक समय में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय में उपस्थित रह सकेंगे। शेष कर्मचारियों को घर से कार्य करना होगा। सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने कर्मचारियों के लिए रोस्टर के अनुसार ड्यूटी निर्धारित करेंगे। औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े ऐसे संस्थानों, जहां यह व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है, को इससे छूट रहेगी। निजी प्रतिष्ठानों को भी अपने कार्य समय एवं कर्मचारियों की उपस्थिति को निर्धारित निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थित करना होगा तथा निरीक्षण के लिए उपस्थिति रोस्टर उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा।
निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध की अनुपालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्तों, एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एचएसवीपी के प्रशासक, जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन), संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों तथा सिविल कार्यों का निष्पादन करने वाली अन्य एजेंसियों की होगी। रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं के संबंध में एनएचएआई के परियोजना निदेशक, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें), डीएचबीवीएन, एचवीपीएनएल, एफएमडीए, नगर निगम तथा अन्य संबंधित कार्यकारी एजेंसियों के कार्यकारी अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में निर्देशों की पालना सुनिश्चित करेंगे।
सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी विभागाध्यक्षों की होगी, जबकि निजी कार्यालयों में निर्देशों की अनुपालना के लिए उप श्रम आयुक्त, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र तथा संयुक्त निदेशक, एमएसएमई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त सभी संबंधित एसडीएम अपने-अपने उपमंडलों में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे। इस कार्य में संयुक्त निदेशक एमएसएमई, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र तथा उप एवं सहायक श्रम आयुक्त भी सहयोग करेंगे।
आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद से भी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा निरीक्षण किए गए स्थलों, पाई गई उल्लंघन संबंधी घटनाओं और की गई कार्रवाई का दैनिक एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों, फरीदाबाद एवं बल्लभगढ़ को भेजना होगा। क्षेत्रीय अधिकारी इन रिपोर्टों को संकलित कर समेकित रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट, फरीदाबाद को प्रस्तुत करेंगे।
आदेशों की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा प्रतिष्ठान के विरुद्ध सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 की धारा 14 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 5 नवंबर 2026 से प्रभावी होकर 20 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे, जब तक कि इन्हें इससे पहले संशोधित अथवा वापस नहीं लिया जाता।
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